मैट्स स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड आईटी द्वारा “राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम” पर संगोष्ठी का आयोजन, शासकीय अस्पताल आरंग छत्तीसगढ़ के चिकित्सकों के सहयोग से:

मैट्स स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड आईटी द्वारा “राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम” पर संगोष्ठी का आयोजन, शासकीय अस्पताल आरंग छत्तीसगढ़ के चिकित्सकों के सहयोग से:

मैट्स स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड आईटी (एमएसईआईटी), मैट्स विश्वविद्यालय, ने शासकीय अस्पताल आरंग के चिकित्सा विज्ञान विभाग के सहयोग से दिनांक 05.01.2026 को मैट्स विश्वविद्यालय के आरंग कैंपस में “राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (National Tobacco Control Program)” विषय पर एक जागरूकता संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य तंबाकू नियंत्रण के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना तथा युवाओं की स्वैच्छिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। संगोष्ठी में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. बृजेश पटेल, निदेशक एवं डीन रिसर्च, मैट्स विश्वविद्यालय, द्वारा किया गया। इस अवसर पर शासकीय अस्पताल आरंग के वरिष्ठ अधिकारी एवं इंजीनियरिंग विभाग के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। डॉ. बृजेश पटेल, निदेशक, एमएसईआईटी, ने संगोष्ठी के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई एवं इस पहल का नेतृत्व किया। उन्होंने ऐसे मानवीय एवं सामाजिक कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल देते हुए विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के लिए प्रेरक बनने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के प्रमुख समन्वयक डॉ. श्रीराम मलानी ने अपनी टीम के साथ आयोजन का कुशलतापूर्वक समन्वय किया। उनकी टीम में प्रो. आदिल चोमन एवं प्रो. शीतल गज्जलवार (इंजीनियरिंग विभाग) शामिल रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया।

शासकीय अस्पताल आरंग से आए चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम, जिसका नेतृत्व डॉ. राहुल चोपड़ा एवं डॉ. टाकेश्वर सेन ने किया, उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को तंबाकू एवं नशीले पदार्थों के बढ़ते सेवन और इसके शारीरिक, मानसिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने तंबाकू जनित रोगों, मनोवैज्ञानिक निर्भरता तथा जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों जैसे अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों पर प्रकाश डाला। चिकित्सकों की टीम ने युवाओं से संवाद करते हुए तनाव प्रबंधन, नशे से बचाव तथा डी-एडिक्शन से संबंधित सहायता प्रणालियों पर भी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने युवाओं के बीच जागरूकता फैलाने हेतु मंच प्रदान करने के लिए मैट्स विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्री गजराज पगारिया, मैट्स विश्वविद्यालय के कुलाधिपति, ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मैट्स विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक उत्तरदायित्व को भी समान महत्व दिया जाता है। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में करुणा, सेवा और सामाजिक चेतना के मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं। श्री प्रियेश पगारिया, महानिदेशक, मैट्स विश्वविद्यालय, ने भी इस आयोजन की प्रशंसा की और भविष्य में ऐसे प्रभावशाली कार्यक्रमों को निरंतर समर्थन देने के लिए शैक्षणिक समुदाय को प्रेरित किया। श्री गोकुलानंद पांडा, कुलसचिव, एवम डॉ के पी यादव कुलपति, मैट्स विश्वविद्यालय, ने शासकीय अस्पताल आरंग के चिकित्सा प्रतिनिधियों एवं सभी स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना करते हुए कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी।
यह संगोष्ठी मैट्स विश्वविद्यालय की समग्र शिक्षा, छात्र कल्याण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।